ख़ास
तुम ख़ास हो ये बताना है पता होगा तुम्हे, जताया तो बहुत है, ये बात तो तुमसे भी छुपी नहीं तुम हो तो कितना खास है सब, जब भी तुमने हिचकी ली तुम मान लो मैंने याद किया जब भी तुमने मुझे याद किया तुम मान लो तेरे पास ही हूं। कहते है दिल का रिश्ता दिल का दिल से ही होता है तुम दूर सही पर मुझसे पूछो हर वक़्त मेरे ही साथ हो तुम । तुमसे कहना तो बहुत कुछ है पर कहकर कहना क्या कहना है तुम जान लो खुद तो कुछ बात हुई हर बात कही नहीं जाती है । कुछ डर सी गई हूं जाने क्यों, कुछ दिल को ऐसा लगा है क्यों तुम खुश रहो तो मै खुश हूं पर तुम चुप हो तो कुछ चुभता है । चेहरे पे हंसी से ज्यादा तुम दिल से खुश सदा रहना दिल से दिल जुड़ा है अपना हंसी भी दिल तक पहुंचेगी ।