अपने
क्यों रोए तुम दुनिया का सोच कर ये दुनियां किसी की हुई कहां है जो अपने हैं वह सदा रहेंगे गैरों का हमें सोचना ही क्या है। जिसने ऊंगली एक उठाई तुमपे बाकी चार खुद उसके ओर उठी है तू अब भी सबसे बेहतर है, तो तन जा थोड़ा खुश हो जा थोड़ा जब तक खुश है तभी तक तू है तो, हंस क्योंकि हंसी प्यारी है तुम्हारी हंस तू क्योंकि तुझे हंसना ही है हंस क्योंकि हंसी ताकत है तेरी हंस क्योंकि तुझे रोना नहीं है। सोच कितनो को प्रेरित किया है, कितनो को उम्मीद है तुमसे हंस उनके लिए जो मानते है तुमको मत रो उनके लिए जो नहीं जानते है तुमको सब नकाबपोश है इसलिए अच्छे है, सबकी नजर से खुद को मत आंकना तुमसे बेहतर तुमको कोई नहीं जानता तो,जी खुद के लिए ,हंस खुद के लिए तो हंस क्योंकि हंसी प्यारी है तेरी तो हंस क्योंकि तुम्हें हंसना ही है।