अपराध

जिनके लिए ढाल बने,
जिनके लिए सख्त दीवार बने
जिनके लिए जहां में बदनाम हुए
आज उनके ही लिए शर्मसार हुए।

थोड़ी लाज तो रख लेते,
मेरी नहीं अपना ही ख्याल रख लेते
नज़रें मेरी नीची तो हो गई आज
पर नीची नजर में मेरी तुम भी तो नीचे हो गए ।

माफ तो तुमको कर ही देंगे,
खुद को माफ ना कर सकेंगे,
रिश्ते बचाना हमें आता है,
थोड़ी लाज तुम भी बचा लेते।



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