माचिस
एक तीली जैसे माचिस की
रगों में सभी के बहती है,
एक गर्म हवा ही काफी है
तीली को आग बनाने को,
ये गर्म हवा तुम तक भी आती होगी,
तीली की लौ अक्सर ही जलती होगी,
एक तीली घर भी जलाती है और,
तीली से दिया भी जलता है।
तुम सोंच लो क्या जलाना है,
घर जले तो रिश्ते जलते हैं,
रिश्ते जले तो कुछ हम भी मरते है,
जो दीप जले तो दीवाली आती है।
तीली का काम जलाना है,
जलना तो हमको है हरदम,
जले ऐसे कि जगमग कर दे,
जो बुझे तो बस एक शून्य सा कर दे।
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